
तंत्र
तंत्र के पारंपरिक सिद्धांत, विधियाँ एवं संबंधित प्रयोगों की समझ।
तंत्र, मंत्र, यंत्र, कर्मकांड और पारंपरिक आध्यात्मिक ज्ञान पर आधारित एक गहन और गोपनीय मार्गदर्शन, जीवन की जटिल परिस्थितियों को समझने और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास।

तंत्र के पारंपरिक सिद्धांत, विधियाँ एवं संबंधित प्रयोगों की समझ।

मंत्र-जप, स्तोत्र, कवच और अनुष्ठान की परंपराएँ।
यंत्र का स्वरूप, महत्व, मंत्र और उसके प्रयोग।

पारंपरिक कर्मकांड, अनुष्ठान, साधना एवं विभिन्न प्रकार के प्रयोग।
जीवन में कई परिस्थितियाँ ऐसी होती हैं जहाँ बार-बार बाधाएँ आती हैं, परिस्थितियाँ समझ में नहीं आतीं या समस्या का स्पष्ट कारण दिखाई नहीं देता। ऐसी स्थिति में व्यक्ति की परिस्थिति को समझना, सुनना और पारंपरिक विधियों के आधार पर मार्गदर्शन प्रदान करना हमारा उद्देश्य है।
काम का रुकना या बार-बार बाधित होना
व्यवसाय में रुकावट या अन्य चिंताएँ
परिवार एवं दैनिक जीवन से जुड़ी कठिनाइयाँ
अनुभव और वातावरण के बारे में चिंता
नज़र संबंधी चिंता
मारण, मोहन, वशीकरण, उच्चाटन, उद्वेषण, स्तंभन, कीलक आदि से संबंधित आशंकाएँ
हर व्यक्ति की परिस्थिति अलग होती है। हमारे पास आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात को ध्यान से सुनकर, उसकी परिस्थिति को अलग-अलग समझने का प्रयास किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर पारंपरिक ज्ञान और अनुभव के साथ उपयुक्त विधि पर विचार किया जाता है। इसलिए बिना समझे कोई एक विधि सभी पर लागू नहीं की जाती।
आपकी बात और अनुभव को ध्यान से सुना जाता है।
परिस्थिति और उपलब्ध जानकारी को समझने का प्रयास किया जाता है।
प्राप्त जानकारी और परिस्थिति का अवलोकन किया जाता है।
उपयुक्त पारंपरिक दृष्टिकोण पर विचार किया जाता है।
आगे की दिशा और उपलब्ध विकल्पों पर चर्चा की जाती है।
महादेव एवं माँ भगवती की कृपा से इन वर्षों में हमने बहुत से लोगों के अनुभवों से सीख प्राप्त की है। शास्त्रों, परंपराओं और विभिन्न साधना पद्धतियों का अध्ययन करते हुए प्रत्येक व्यक्ति की परिस्थिति को समझने और उचित मार्गदर्शन देने का प्रयास किया है।
मेरा उद्देश्य केवल मार्गदर्शन है—अपने अनुभव के आधार पर, परंपरागत ज्ञान के अनुरूप, विचार कर आगे की दिशा बताना।
हमारे पास आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और व्यक्तिगत जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। बिना आपकी अनुमति के किसी भी व्यक्ति की जानकारी सार्वजनिक या साझा नहीं की जाएगी। आवश्यकता होने पर जानकारी केवल संबंधित व्यक्ति या उसकी सहमति से परिवार (माता-पिता) के साथ साझा की जाएगी।
गणपति से संबंधित पारंपरिक स्तुति एवं साधना।
देवी उपासना की एक महत्वपूर्ण पारंपरिक ग्रंथ-परंपरा।
विष्णु के सहस्र नामों की पारंपरिक स्तोत्र परंपरा।
नारायण से संबंधित पारंपरिक कवच-पाठ।
भगवान श्रीराम से संबंधित पारंपरिक रक्षा-स्तोत्र।
शिव उपासना से संबंधित विभिन्न पारंपरिक पाठ और स्तुतियाँ।
आदि शंकराचार्य से संबद्ध प्रसिद्ध स्तोत्र परंपरा।
भगवान शिव की स्तुति की पारंपरिक धारा।
सूर्य उपासना से संबंधित प्रसिद्ध पारंपरिक स्तोत्र।
संपर्क करने से पहले अपनी आवश्यकता को स्पष्ट रूप से समझें। आपका समय और हमारा समय — दोनों मूल्यवान हैं।